Submitted by Ajay Tripathi on Sat, 05/05/2012 - 11:22
दक्षिण बस्तर में आदिवासियों का आमा तिहार चल रहा है।त्योहारों के दिनों में बस्तर के ग्रामीण आदिवासी जगह-जगह लकड़ी -बास से बेरियर लगाते है और उस रास्ते से आने-जाने वाले वाहनों से ५-१० रुपए वसूलते हैं। बेरियर के पास कुछ महिलाएं गाना गाती हैं तो कुछ नृत्य कर रही होती हैं। वसूले गए पैसों से ग्रामीण रात में पार्टी मनाते हैं। ऐसा उत्सव पूरे क्षेत्र में मनाया जा रहा है।
ग्रामीण इस तिहार को धूमधाम से मना रहे है। जगह-जगह बेरियर लगा आवाजाही कर रहे वाहनों से नेग वसूल रहे हैं। और अपनी संस्कृति की झलक नृत्य के माध्यम से दिखा रहे हैं।
Submitted by Ajay Tripathi on Mon, 04/16/2012 - 10:41
छत्तीसगढ़ प्रदेश को विश्व पर्यटन के मानचित्र में खास स्थान दिलाने की दिसा में प्रदेश का पर्यटन विभाग नए स्थानों की तलाश में जुटा है, कुछ नए स्थानों की पहचाने की जा चुकी है,जिन्हें पर्यटन मंडल के २०१२ के कैलेंडर में भी स्थान मिला है। प्रदेश में पर्यटन का मुख्य आधार घने जंगलों से घिरा नैसर्गिक स्थल हैं। कोटमसर, चित्रकोट, मैनपाट, तीरथगढ़,खुटा घाट,बारनवा पारा, जैसे प्राकृतिक स्थल पर्यटन नक़्शे पर है रतनपुर, आरंग , सिरपुर और बारसूर,भोरमदेव जैसे पुरातात्विक स्थल भी पर्यटक नक़्शे पर है , लेकिन छत्तीसगढ़ में वन चेत्र विशाल है और उससे जुड़े स्थल प्रक्रकिक रूप से सोंद्र्यता की मिशाल कायम
Submitted by Ajay Tripathi on Sun, 04/15/2012 - 14:01
क्लीन इंडिया' अभियान का उद्घाटन पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की मौजूदगी में 'किया.इस अभियान का उद्देश्य पर्यटन स्थलों और ट्रेनों को साफ़ रखना है.पर्यटन मंत्री सुबोधकांत सहाय ने उम्मीद जताई कि विदेशी पर्यटकों को लुभाने में सफाई अहम भूमिका निभाएगी.उन्होंने कहा कि वह बुद्ध सर्किट की तर्ज पर ही सूफी सर्किट, सिख सर्किट जैसे कई पर्यटन स्थलों का विकास चाहते हैं. इस बोद्ध सर्किट में छत्तीसगढ़ भी जुड़ेगा
Submitted by Ajay Tripathi on Wed, 04/11/2012 - 00:17
छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल को राष्ट्रीय स्तर के एक और पुरस्कार से नवाजा गया है। पर्यटन मंडल के प्रबंधा संचालक तपेश कुमार झा ने यह जानकारी देते हुए बताया कि हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में आयोजित समारोह में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन मार्केटिंग पुरस्कार हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री प्रेमकुमार धूमल ने प्रदान किया। छत्तीसगढ़ राज्य पर्यटन मंडल ने प्रदेश में सैलानियों के लिए पर्यटन सुविधाओं के विकास और विस्तार के लिए हरसंभव प्रयास किए है।
Submitted by Ajay Tripathi on Fri, 04/06/2012 - 00:31
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) दूसरे चरण के अंतर्गत 40 करोड़ निवासियों के वास्ते लोगों को आधार नंबर देने के लिए पंजीकरण करने का काम अप्रैल 2012 से शुरू कर रहा है। इस संदर्भ में रजिस्ट्रार, पंजीकरण एजेंसियों तथा अन्य भागीदारों सहित इकोसिस्टम पार्टनर के लिए राष्ट्रीय स्तरीय कार्यशाला आज विज्ञान भवन में शुरू की गई थी। लोगों को आधार नंबर देने के लिए पंजीकरण करने का काम धीरे-धीरे पूरे देश में शुरू होने की उम्मीद है। यूआईडीएआई को आशा है कि अपने इकोसिस्टम पार्टनर के समर्थन और सहयोग से आने वाले दो वर्षों में 40 करोड़ निवासियों को इसमें सम्मिलित कर लिया जाएगा। यूआईडीएआई पर मंत्र
Submitted by Ajay Tripathi on Fri, 04/06/2012 - 00:28
पर्यटन मंत्रालय ने वर्ष 2011-12 के दौरा पर्यटन मंत्रालय ने देश भर में पर्यटन गंतव्यों और सर्किटों पर गुणवत्तापूर्ण पर्यटन अवसंरचना के विकास के प्रयासों को जारी रखा है। वर्ष 2011-12 के लिए आज यहां जारी की गई पर्यटन मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार मंत्रालय ने 31 दिसंबर 2011 तक राज्यों/केन्द्रशासित प्रदेशों में पर्यटन अवसंरचना के विकास के लिए 710.02 करोड़ रुपए की राशि की 160 पर्यटन परियोजनाओं को मंजूरी दी है मेगा पर्यटन परियोजनाएं- संस्कृति, विरासत, आध्यात्म और इको पर्यटन का मिश्रण है जिसका उद्देश्य पर्यटकों को समग्र अनुभव प्रदान करना है।
Submitted by Ajay Tripathi on Tue, 04/03/2012 - 00:57
Submitted by Ajay Tripathi on Wed, 03/14/2012 - 00:52
Submitted by Ajay Tripathi on Tue, 03/13/2012 - 00:26
पर्यटन और संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा है कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की समध्द सांस्कृतिक विरासतों और परम्पराओं के संरक्षण के लिए वचनबध्द है। बस्तर की चित्रकोट मड़ई को वर्ष 2011 से महोत्सव का रूप दिया गया है। महोत्सव का स्वरूप देने के बाद से चित्रकोट मड़ई की प्रतिष्ठा और बढ़ी है तथा चित्रकोट महोत्सव का आयोजन सफलतापूर्वक किया जा रहा है। इस महोत्सव के माध्यम से बस्तर अंचल की कला-संस्कृति से जुड़ी प्रतिभाओं को प्रतिभा प्रदर्शन का अवसर मिला है।
Submitted by Ajay Tripathi on Thu, 03/01/2012 - 00:06
क्या आपने ओढ़ का नाम सुना है?
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