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पर्यटन प्रोत्साहन कार्यक्रम

भारत सरकार का पर्यटन मंत्रालय अपनी 'अतुलनीय भारत' अभियान के अंतर्गत हर वर्ष अंतर्राष्ट्री य बाजार में प्रिंट, इलेक्ट्रो निक, ऑनलाइन और आउटडोर मीडिया अभियान के अंतर्गत प्रचार सामग्री जारी करता है। इसका उद्देश्य0 देश के विभिन्नअ पर्यटन लक्ष्योंा और उत्पा।दों को प्रोत्सा हित करना और भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्याल बढ़ाना है। इसके अतिरिक्त विदेश स्थित भारतीय पर्यटन कार्यालयों के जरिए अनेक प्रोत्साहन गतिविधियां भी संचालित की जाती हैं ताकि भारतीय पर्यटन की संभावनाओं को उजागर किया जा सके और देश में पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सके। इन गतिविधियों में मेलों और प्रदर्शनियों में हिस्सा लेना, रोड

भारत को अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महारथ

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने श्रीहरिकोटा से पोलर सेटेलाईट लॉंच वेहिकल- पीएसएलवी-सी23 का सफल प्रक्षेपण देखा। मिशन कंट्रोल सेंटर से अपने बधाई संदेश में उन्होंने अंतरिक्ष वैज्ञानिकों को हितधारकों के साथ मिलकर शासन प्रणाली तथा विकास में अंतरिक्ष विज्ञान का अधिक से अधिक उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत को अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में जो महारथ हासिल है, वे उसे सामाजिक परिवर्तन, आर्थिक विकास तथा संसाधनों के संरक्षण के लिए पूरी तरह से उपयोग करें।

नरेन्द्र मोदी की भूटान नरेश और प्रधानमंत्री से भेट

प्रधानमंत्री ने भूटान नरेशसे भेंट के बाद प्रधानमंत्री तोबगे से भी मुलाकात की। इन मुलाकातों का प्राथमिक फोकस दो देशों के मध्‍य सघन विकास सहयोग और आर्थिक गठजोड़ में वृद्धि के लिए उपाय करना है।

भारत महोत्‍सव- विदेशो में

भारत सरकार के संस्‍कृति मंत्रालय ने लाओस पीडीआर, कंबोडिया, वियतनाम और म्‍यांमार में भारत महोत्‍सव आयोजित करने का फैसला किया है। लाओस पीडीआर में भारत महोत्‍सव 09 फरवरी से 11 फरवरी 2014 तक आयोजित किया जाएगा, जबकि कंबोडिया में यह 14 से 19 फरवरी, 2014 तक होगा। महोत्‍सवों में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्‍व संस्‍कृति सचिव, श्री रवीन्‍द्र सिंह करेंगे। कलाकारों का एक शिष्‍टमंडल भी जाएगा, जिसमें 75 कलाकार होंगे।

दोनों महोत्‍सवों के लिए नृत्‍य नाटिका, बौद्ध प्रदर्शनी, बौद्ध महोत्‍सव, भारतीय खाद्य पदार्थों के स्‍टॉल और मेंहदी आर्ट तथा योग एवं फिल्‍म समारोहों की व्‍यवस्‍था की जा रही है।

हुनर से रोजगार तक के कार्यक्रम है-इदरीस

 इदरीस गाँधी,राहुल गाँधी, rahulgandhi,india,idris,

'हुनर से रोजगार तक'' (एचएसआरटी) कार्यक्रम
समाज के आर्थिक रूप से कमजोर तबके से संबंधित 18 से 28 साल तक की उम्र तक के लिए रोजगारोपयोगी कौशल सृजन का मूल उद्देश्‍य सत्कार और पर्यटन क्षेत्र को प्रभावित कर रहे कौशल अंतर को कम करने के साथ – साथ यह सुनिश्चित करना था कि पर्यटन से गरीबों को आर्थिक लाभ पहुंचे। इस कार्यक्रम के तहत पर्यटन मंत्रालय की आर्थिक सहायता से 6 से 8 सप्ताह के लघु अवधि के कार्यक्रम चलाये जाते हैं।इन कार्यकमो में ............
· मानव संसाधन विकास के लिए पहल
· मानव संसाधन विकास मंत्रालय की मध्‍याह्न भोजन योजना - खानसामों और सहायकों का प्रशिक्षण

धार्मिक पर्यटन स्थल कैलाशगुफा

आदिवासी समाज के पुजनिय गुरू भगवान गहिरागुरू ने 25 दिन में बिना अस्त्र-शस्त्र के खोदा था विशाल गुफा
अम्बिकापुर -‘‘छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों में एक खुबसुरत धार्मिक स्थल कैलाश गुप्ता जो छत्तीसगढ़ के जिला सरगुजा से 80 किलो मीटर की दूरी पर स्थित है। आप एक बार यहां पहुंचे कि यहां कि खुशबूदार हवा, फाउन्टेन, मनमोहक झरने, पहाड़ों और दूर-दूर तक फैली हरीयाली आपकी आखों के सामने नैसर्गिक सौन्दर्य का संसार प्रस्तुत कर देगी। इस धार्मिक पर्यटन स्थल की तमाम खुबियों को बयां करती यह रिपोर्ट।’’

'वॉकिंग टूर्स' एक अनोखा तथा रोमांचक कार्यक्रम

'वॉकिंग टूर योजना के रूप में नई पहल का उददेश्‍य पर्यटक को अपने भ्रमण की योजना बनाने का सामर्थ्य प्रदान करना है। पर्यटन मंत्रालय ने दो साल के अन्‍दर प्रत्‍येक राज्‍य में एक 'वॉकिंग टूर' का लक्ष्‍य रखा है, पयर्टन मंत्रालय ने 'वॉकिंग टूर्स' मंच की शुरूआत के लिए जेनेसिस इंटरनेशनल के साथ सहभागिता की है।इस सेवा की शुरूआत राजधानी में की गई जिसमें पर्यटन मंत्रालय तथा जेनेसिस इंटरनेशनल के प्रतिनिधि उपस्थित थे। इस पहल के एक हिस्‍से के रूप में वोनोबोडॉटकॉम वेबसाइट की शुरूआत की गयी , ये किसी भी देश में की गई अपनी तरह की पहली शुरूआत है। 'वॉकिंग टूर्स' एक अनोखा तथा रोमांचक कार्यक्रम है जिसके द्वारा प्रयो

मवाली देवी मंदिर

मवाली देवी मंदिर छत्तीसगढ़ राज्य के रायपुर जिले में यह मंदिर रायपुर से ६२ किलोमीटर तथा रायपुर-बिलासपुर रोड पर स्थित विश्रामपुर से ३कि.मी.की दूरी पर स्थित तरपोंगा ग्राम में शिवनाथ नदी के दक्षिण तट पर स्थित है। वास्तव में यह प्राचीन ध्वस्त मंदिर स्थली है जहां पर ग्रामीणों ने नया मंदिर निर्मित कर दिया है एवं पुरानी द्वार चौखट और कुछ मूर्तियों को मण्डप में दीवारों से जड़ दिया है। वर्तमान में यह मंदिर 'मावली देवी' अथवा 'मावली माता' के मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है। महिषासुरमर्दिनी की प्रतिमा यहां मावली माता के रूप में पूजित है। मावली माता का यह स्वरूप छत्तीसगढ़ में अधिक लोकप्रिय है। इस मंदिर की प्

हि‍मालय पर्यटन को बढ़ावा

हि‍मालय पर्यटन को बढ़ावा देने नए अभि‍यान की घोषणा-पर्यटन मंत्री श्री के.चि‍रंजीवी ने एक नए अभि‍यान की शुरूआत की ताकि हि‍मालय जैसे अनोखे पर्यटन को अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर पर बढ़ावा दि‍या जा सके। इस अभि‍यान को भारतीय हि‍मालय के 777 दि‍न का नाम दि‍या गया है। इसके दो उद्देश्‍य हैं- पहला, व्‍यस्‍त गर्मी के मौसम में अधि‍क से अधि‍क अंतर्राष्‍ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करना और दूसरा, लोगों को यह बताना कि‍73 प्रति‍शत हि‍मालय क्षेत्र भारत में आता है।बैठक में रोमांचक पर्यटन की व्‍यवस्‍था करने वाले संघ (एटीओएआई) के प्रति‍नि‍धि‍ उपस्थि‍त थे। मैदानी क्षेत्रों के अलावा हि‍मालय क्षेत्र में भी पर्यटन की आपार क

मानसरोवर की कठिन यात्रा

 जशपुर,श्रीमती शकुंतला त्रिपाठी मानसरोवर की यात्रा,जशपुर जिले की प्रथम महिला,

पत्थलगांव के श्रद्धालुओं ने पूरी की मानसरोवर की कठिन यात्रा ।श्रीमती षकुंतला त्रिपाठी बनी जिले की प्रथम महिला यात्री-कैलाश पर्वत की यात्रा अत्यंत दुर्गम है। 23000 फीट की उंचाई पर स्थित मानसरोवर झील पहुंचने के लिए गहरी घाटियों से लेकर उंची पहाड़ियों से गुजरना पड़ता है। यात्रा के बीच कहीं रेतीली आंधियां चलती हैं तो कहीं तेज बर्फीली हवाओं का भी सामना करना पड़ता है। शून्य से भी कम तापमान पर हाड़ जमा देने वाली ठंड तीर्थयात्रियों के लिए परेशानी का सबब बनती है तो ऑक्सीजन की कमी से सांस लेना तक दूभर हो जाता है। पत्थलगांव परंतु यह यात्रा जितनी दुर्गम है उतनी ही रोमांचकारी भी है। वहीं मानसरोवर झील मे

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